कविता की कल्पना मे

कविता की कल्पना मे
माया की आस जगी
सोना हो पास मेरे
ऐसी कुछ प्यास लगी
रोशन हो सूरज सा
घर का हर कोना
पायल की छम-छम से
गूंजे हर कोना
सुमन की खुशबू से
महके घर आँगन
चाँद हो पूनम का
सविता सा सुंदर