संभावित कदम

मंहगाई रोकने के लिए
हर संभव कदम उठायेगी सरकार
वित्तमंत्री सोच समझकर कहते हैं।
सुरक्षा के सभी उपाय किये जायेंगे
आंतरिक और बाह्‌य सुरक्षा सभी पर
सरकार की कड़ी नजर है
रक्षामंत्री के सुर में
सुर मिलाते हैं गृहमंत्री।
अर्थव्यवस्था से लेकर शिक्षा तक
अनूठे विचारों को लेकर आनेवाले हैं हम
बता रहे हैं प्रधानमंत्री।
इस बात की पूरी उम्मीद है कि
हमारी विकास दर हो उम्मीद से ज्यादा
सरकार के प्रवक्ता का दावा है गर्व से।
झूठ है सब, पस्त हैं ये लोग
न कोई विचार, न कोई कामकाज
न करेंगे न करने देंगे
भोज से निकलकर
नेता प्रतिपक्ष फरमाते हैं।
नजर है, उम्मीद है, संभावना है,
करेंगे, होगा, जरूर होगा,
सरकार की राय दुरुस्त है।
न कुछ हुआ, न होगा
पड़ेगा इन्हें जाना
विपक्ष आश्वस्त है।
हमारे जीवन में
संभावित कदम हैं, उम्मीदे हैं
सरकार है विपक्ष है
इन ढेर सारे शब्दों से
मुक्ति मिले ऐसी एक कामना भी
होती तो कितना अच्छा होता!

संजीव कुमार

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