अनुभूति

अनुभूति आनंद की

खंगालता अर्थ मे

व्यर्थ मे

जो देती आनंद

खुजाने सा दाद/खुजली

फिर पीडा असहनीय

झेलता पीडा

फिर भी खेलता

खेल अर्थ का

सम्मोहन मॄग मरीचिका का

करती विकल

फिर भी

सुख की खोज अर्थ मे?

व्यर्थ मे

जीवन सफल या विफल

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