ईद की जैसी ख़ुशी मिल के मनाना होगा – SALIM RAZA REWA

  ग़ज़ल !!
ईद की जैसी ख़ुशी मिल के मनाना होगा
प्यार से सब को गले अपने लगाना होगा

जिसके ख़ुश्बू से ही मिट जाए दिलों से नफरत
फूल गुलशन में कोई ऐसा खिलाना होगा

जिन चराग़ों से ज़माने में उजाला फैले
उन चराग़ों को हवाओ से बचाना होगा

छोड़ के सारे ज़माने को चला आयूँ पर
उम्र भर तुमको मेरा साथ निभाना होगा

नाम बेटी से भी होता है ज़माने भर में
बेटिओं को भी तो बेटों सा पढ़ना होगा

एक प्यारी सी ग़ज़ल कहना अगर चाहोगे
मीर ग़ालिब की ग़ज़ल ज़ेहन में लाना हो

प्यार से मिलने की हमने जो क़सम खाई है
दुश्मनो को भी “रज़ा” दोस्त बनाना होगा

शायर सलीम रज़ा रीवा म. प्र. 9981728122-
GAZAL SALIMRAZA REWA

One Response

  1. salimraza 10/02/2013

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