राष्ट्रीय दामाद से पंगा? (व्यंग गीत)

राष्ट्रीय दामाद से पंगा? (व्यंग गीत)

अरे मूर्ख, राष्ट्रीय दामाद से क्यूँ लिया तुने पंगा..!
लगता है, `बनाना रिपब्लिक` अनादि से है भिखमंगा..!

(अनादि= अनंत )

१.

मंत्रीजी उवाच, `पुरानी पत्नी वो मज़ा नहीं देती ?`
सच होगा शायद, साबित हो गया शौहर घोर लफंगा ?
अरे मूर्ख, राष्ट्रीय दामाद से क्यूँ लिया तुने पंगा..!

२.

मंत्रीजी उवाच,`उनके लिए हमारी जान भी हाज़िर है ?`
सच कहा, सारा देश मरता है तो मरे, भूखा-नंगा..!
अरे मूर्ख, राष्ट्रीय दामाद से क्यूँ लिया तुने पंगा..!

३.

यहाँ कौन करेगा जांच, राष्ट्रीय रद्दी दामादों की ?
सुना है, उनके मन-मंदिर से ज़्यादा शौचालय है चंगा ?
अरे मूर्ख, राष्ट्रीय दामाद से क्यूँ लिया तुने पंगा..!

(रद्दी= अनुपयोगी)
४.

देश की बरबादी का दूसरा नाम रख दो `इतालिया` ?
फिर, बिना शरम कहो, मेरे अलावा पूरा देश है नंगा..!
अरे मूर्ख, राष्ट्रीय दामाद से क्यूँ लिया तुने पंगा..!

(इतालिया= चारागाह= वह भूमि जो पशुओं के चरने के लिए खाली छोड़ दी गई हो । )

नोट- अ..रे.., बुरा मत मानना, आप मज़ाक भी नहीं समझते क्या?

मार्कण्ड दवे । दिनांकः ०९-०९-२०१२.

2 Comments

  1. Sunil Gupta 'Shwet 10/10/2012
    • Markand Dave 12/10/2012

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