(हाइकु प्रयास)..भाग-२

जीवन….! (हाइकु प्रयास)..भाग-२
देख सोचता
हाइकु प्रयास में
सब लिखते
…………
जीवन पर
या अन्य बिषय मे
चाहत मेरी
………….
आप सुधारें
लिख पाऊं मैं जैसे
देवें सुझाव
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जीवन मृत्यु
रंग-मंच सजा के
हम पात्र है
….
अच्छा वर्ताव
अनुशाषण दिखें
मिलता फल
….
पाप या पुण्य
कर्म के अनुसार
विधी-विधान
….
सुन्दर तन
कलुषित है मन
सूर्य-ग्रहण
…..
जाना निश्चित
प्रभु का गुण-गान
मुक्ती-उपाय
…..
समय जाये
करनी है तैयारी
अंतर्मन की
…..
रूप का गर्व
मन मे अहंकार
तय पतन
……….
ऊँची दुकान
सजावट सुन्दर
फीका सामान
…..
प्यार वेवफा
सौदेबाजी व्यापार
दिल का दगा
….

दिल भी दिया
जान चाहिये देंगे
दिलदार है
……..
सत्य-अमर
झूठ का बोलबाला
सत्य निस्तेज
…….
सच या न्याय
धर्य भरी परीक्ष्या
सहना पढ़े
……
झूठ जितता
सच हार जाता है
झूठा है भ्रम
…..
सच की राह
आसां नहीं मंजर
लगे रहना
…….
काहे की चिन्ता ?
चिन्ता चिता सामान
लो प्रभु नाम

:-सजन कुमार मुरारका

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