ख़ुदा मेरा वो हो न सका, और वो मेरा ख़ुदा हो गया…..

ख़ुदा भी मेरा वो हो न सका , और वो मेरा ख़ुदा हो गया ,

ख़ुदा तो दूर जा न सका, और वो मुझसे जुदा हो गया.. 

उसे चाहा, उसे सोचा, उसे पूजा, उसे माना  , 
मेरे अपनों ने कुछ कहा ,तो मैंने उसीको अपना जाना..
अपने असली रंग खो, बस उसके रंग में रंग गयी मैं, 
जिसने बनाया उसे खो, बस उसकी बन गयी मैं..

दुनिया माने रब को, मैंने देखा उसमे सब को,
ये तो पता चल गया जग को, बस ख़बर ना लगी उसको,
करते बलवा हम भी , यूँ ना चुप बैठे रहेते, 
अरे जाने दो यारों !
जो जान के अंजान बने  उसे  क्या कहेते … 
                                                                    kajal sky….

2 Comments

  1. काजु निषाद काजु निषाद 05/01/2013
  2. Rahul Nishad 17/05/2013

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