३७७१. याद उनकी जो आए तो रो जाए दिल

याद उनकी जो आए तो रो जाए दिल

आज उनकी जुदाई न सह पाए दिल

अब न आएंगे वो भूल जा तू उन्हें
आँसुओं की ज़ुबाँ से ये समझाए दिल

दर्द इतना दिया कौन सह पाएगा
कौन जाने तड़प के ठहर जाए दिल

सामने अब न आएंगे वो फिर कभी
जब वो ख़्वाबों में आएं तो मुस्काए दिल

ज़र्रे-ज़र्रे में वो ही बसे हैं ख़लिश
है ये मुमकिन नहीं उन्हें बिसराए दिल.

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