तेरे गुलशन की कलियां………..

तेरे गुलशन की कलियां बिखरने न देगें,
के मज़हब पे इनको यूं लड़ने न देगें ।
जो रहते यहां पे सभी हैं वो भाई,
देश अपना ये टुकड़ों में बंटने न देगें।।
था जो बापू ने देखा वो भारत का सपना,
हंसते गाते हां लोगों के भारत का सपना,
लगे न किसी को न कोई पराया,
कहें एक दूजे को भाई सब अपना,
अब तो बापू के सपने को सच हम करेंगे,
देश अपना ये टुकड़ों में बंटने न देंगे,
तेरे गुलशन की कलियां बिखरने न देंगे।।
ये देश है जिनको शहीद पुकारे,
वतन पे हुए जो निछावर सितारे,
दिया था उन्होंने जो बलिदान अपना,
किया था आजादी का साकार सपना,
है जरूरत तो हम भी वतन पे मिटेंगे,
देश अपना ये टुकड़ों में बटने न देंगे,
तेरे गुलशन की कलियां बिखरने न देंगे।।

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