अमर शहीदों को प्रणाम

अमर शहीदों को प्रणाम

सरहद के वीरों को सलाम

कारगिल, द्रास और बटालिक में,

मची हुई थी घुसपैठ भारी

पाक अपने नापाक इरादों से,

कर रहा था कश्मीर हङपने की तैयारी

वीर-भूमि वसुन्धरा के

रणवीर लगे थे मैदान-ए-जंग में

दुश्मन को खदेङने का

फौलादी जज्बा है अंग प्रत्यंग में

लगा दी दुश्मन के मनसूबों पर लगाम

अमर शहीदों को प्रणाम ………

रनभूमि में समरवेला में

रहता है यही एक महामंत्र

यह वसुंधरा अपनी माता है

रखना है इसे स्वतंत्र

स्वतंत्रता की रक्षा खातिर

लगे हैं अपने वीर-जवान

इन्ही सरहद प्रहरियों से है

अपना भारत देश महान

शहीदों की शहादत से है उज्ज्वल देश का नाम

अमर शहीदों को प्रणाम ………

मौत से नहीं घबराते कभी

सीना तानकर खाते गोली

तीज त्यौंहार राखी बैशाखी

सरहद पर ही है दीवाली होली

राष्ट्र-धर्म में लगे वीरों को

यूं ही ना भुलाया जाए

हम भारतवासी उनकी याद करें

जिन्होंनें सरहद पर प्राण गंवाए

उनकी याद देती है वीरता का पैगाम

अमर शहीदों को प्रणाम ………

 

-“गोपी”

 

2 Comments

  1. ashish 02/01/2013
  2. ramesh Rajpurohit 26/07/2017

Leave a Reply