तेरे शहर मे आए है….

ये किसने नफरतो के आग लगाए है ,
हर तरफ बस तारीकीओ के साए है ,

एक तेरा ही मकान महफुज है यहा ,
ये सोच कर तेरे शहर मे आए है !!

Leave a Reply