ग़मों को सबसे छुपाता रहूंगा….

शब् भर दिल जलाता रहूंगा ,
चराग ये सारे बुझाता रहूंगा ,

लिखता रहूंगा मिटाता रहूंगा ,
साहिल पे घर बनाता रहूंगा ,

ज़र्फ अपना आज़माता रहूंगा ,
ग़मों को सबसे छुपाता रहूंगा ,

क्या है मुहब्बत बताता रहूंगा ,
अंदाज़ तुझको दिखाता रहूंगा ,

एहसास इसका जताता रहूंगा ,
जिंदगी तुझ पर लुटाता रहूंगा ,

हर लम्हा याद दिलाता रहूंगा ,
आवाज़ दे कर बुलाता रहूंगा ,

“शादाब” गज़ल सुनाता रहूंगा ,
महफ़िल में हमेशा आता रहूंगा !!

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