फराख दिली ईस से बढ़ के क्या होगी….

क्या पाया और क्या है खोने के लिए ,
वोही होना है जो है अब होने के लिए ,

फराख दिली ईस से बढ़ के क्या होगी ,
अपना कंधा दिया है उसे रोने के लिए !!

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