समन्दर में आज तूफ़ान आया है….

कैसा हुक्म कैसा बयान आया है ,
हमारे क़त्ल का फरमान आया है ,

नज़र उदास जबां खामोश मगर ,
समन्दर में आज तूफ़ान आया है ,

हाल-ए-सफर कैसे बताऊँ तुझको ,
रास्ते में हजारों बियाबान आया है ,

क्या दाग-ए-महताब का असर है ,
तेरे चेहरे पे क्यूँ ये निशान आया है ,

जब कर दिया वादा-ए-वस्ल उसने ,
“शादाब” के जानो में जान आया है !!

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