दिल का शिकार बाकी है….

ईश्क का खुमार बाकी है ,
तुझपे भी एतबार बाकी है ,

अभी तो नज़रें चार हुई ,
दिल का शिकार बाकी है ,

उठा पलकें के मुंतजिर हूँ ,
नज़र का वो वार बाकी है ,

कैसे पलट जाऊं रास्ते से ,
अभी तेरा इकरार बाकी है ,

कश्ती तो डूब गई मगर ,
छोटा सा पतवार बाकी है !!

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