मैंने रोज़ यही फ़रियाद किया….

तुने जब भी मुझे बर्बाद किया ,
घर फिर से मैंने आबाद किया ,

हाथ उठा के अक्सर मांगा तुझे ,
मैंने रोज़ यही फ़रियाद किया ,

ईश्क पे अश्कों की बारिश कर ,
मजबूत हमने बुनियाद किया !!

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