दिल टूटने के ज़माने आए….

हकीकत हम सुनाने आए ,
राज़ भी कुछ बताने आए ,

आदम से ले कर इदम तक ,
जाने कितने अफ़साने आए ,

देख तेरी महफ़िल में आज ,
हम खुद को आज़माने आए ,

दिल के जख्म दिल का दर्द ,
आज तुझे हम दिखाने आए ,

शम्मा तेरे ही आग से हम ,
तेरे सारे खत जलाने आए ,

आरजू को अपने दफ्न कर ,
यहाँ खुद को बहलाने आए ,

कांच का है बचा ले “शादाब” ,
दिल टूटने के ज़माने आए !!

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