कोई दुआ काम आएगी……..

न कोई आब-ओ-हवा काम आएगी ,
न किसी की कोई दुआ काम आएगी ,

कोई चारागर ना मिलेगा तुझको ,
और ना ही कोई दवा काम आएगी ,

ये बददुआ दी मुझे उसने और कहा ,
बहोत तड़पेगा जब भी शाम आएगी ,

मेरी तन्हा रात का असर होगा तुझपे ,
नींद आएगी पर बराय नाम आएगी ,

उसकी यादों पे अब हक नहीं “शादाब” ,
वो भी गर आई तो गुमनाम आएगी !!

Leave a Reply