क़त्ल तो कर देता वो अगर तैयार होते हम….

तेरे मकान की जो कच्ची दिवार होते हम ,
दवा तो मिल जाता अगर बीमार होते हम ,

हिम्मत न हुई चमकते खंज़र को देख कर ,
क़त्ल तो कर देता वो अगर तैयार होते हम ,

जो बेवफाई की तो बड़ा नाम हुआ “शादाब” ,
जाने क्या होता अगर वफादार होते हम !!

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