अभी दुनिया में खुदा का नाम बाकी है……

हसरत बाकी है अभी अरमान बाकी है ,
अभी तुझसे मिलने का इमकान बाकी है ,

कैसे कह दूँ के दुआ कुबूल नहीं होती ,
अभी दुनिया में खुदा का नाम बाकी है ,

अना पी तो गयी सारा लहू मेरा लेकीन ,
जिस्म कमज़ोर है मगर जान बाकी है ,

क़त्ल तो तुने कर ही दिया है मेरा यहाँ ,
मगर शहर में मौत का एलान बाकी है ,

देखना है तेरे साये का भी पीछा कर के ,
के आगाज़ तो हुआ मगर अंजाम बाकी है ,

फ़िरकापरस्त देख कितनी तादाद है हमारी ,
एक चला गया मगर पूरा खानदान बाकी है ,

चला तो गया दिल तोड़ कर “शादाब” लेकीन ,
टूटा ही सही दर्द का साज़-ओ-सामान बाकी है !!

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