खुशीयां समेट लाया हूँ……..

तेरी खातीर ही तेरी महफ़िल में आया हूँ ,
अपना ले मुझे जमाने का सताया हूँ ,

तू मुझसे खफा न हो सकेगा कभी ,
यकीन कर मैं तेरा ही हमसाया हूँ ,

अब मुस्कुरा भी दे के मौसम बहार है ,
गम छोड़ खुशीयां समेट लाया हूँ ,

तेरी चाहत खुशी तेरी रजा की खातीर ,
अपनी दुनियां कहीं पीछे छोड़ आया हूँ !!

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