कमाल-ए-हुस्न……..

कम खाना सेहत कम सोना भी इबादत है ,
हया ही तेरे कमाल-ए-हुस्न की जीनत है ,

जो रूह में पिन्हा है उसकी बात करता हूँ ,
क्या जिस्मों का मिल जाना ही मुहब्बत है !!

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