वो बेवफा नहीं……

दिल-ए-गुमनाम को कोई नाम कैसे दूँ ,

इन खाली पैमानों में कोई जाम कैसे दूँ ,

मैंने खुद ही डुबाई है कश्ती साहिल पर ,

वो बेवफा नहीं फिर ये इल्ज़ाम कैसे दूँ !!

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