नीम का पेङ

मेरे घर के आंगन में

खङा है

यह नीम का पेङ

बहुत बङा है

दादी मां ने

इसे यहां लगाया था

रोज सवेरे

जल्दी उठकर

इसको पानी पिलाया था

इसी के नीचे सुनाती थी

दादी मां कहानी

कहती थी

पेङ पौधे तो है

भगवान की निशानी

दादी मां ने पेङों को

देवता बताया

वह राज

अब समझ में आया

जब देखता हूं मैं

इस नीम की हरीतिमा

तो याद आती है

दादी मां

 

-“गोपी”

 

 

Leave a Reply