सीख फूल से,

सीख फूल से,

खिलता हुआ फूल,  कहता है मुझसे,
हर हाल में,  खुश रहना सीख ले |

भंवर ने जो  चूसा रस मेरा,
दुश्मनों की नीयत,  समझना सीख ले,
एक दिन मुरझाना मुझे भी है,
यह सोच मरने से पहले जीना सीख ले |

खिलने से मुरझाने तक का सफ़र जैसा भी है,
हर क्षण में मुसीबतों का मुकाबला करना सीख ले |

खिलता हुआ फूल, कहता है मुझसे,
हर हाल में खुश रहना सीख ले|

2 Comments

  1. Jayanthi R 14/09/2012

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