यादों के लम्हें …..

कभी -कभी ऐसा होता है ना ?

के जहाँ कभी अपनों के साथ अच्छे पल बिताये थे हमने ,
हम उस जगह कुछ सालो के बाद जब फ़िर से जाते है ,
और अगर वहाँ कुछ बदला नहीं है तो अचानक वही पहेले वाले लम्हें याद आ जाते है..
जैसे वक़्त रिवर्स लेता है और फ्लेश बैक का वो पहेले वाला द्रश्य अचानक हमारे सामने दिखने लगता है …
फिर हम ख़ुद को देखते है तो लगता है जैसे .. ” कुछ भी तो नहीं बदला , लेकिन हालात ने हमे कितना बदल दिया ”

फिर एक आह सी निकलती है ,
एक दर्द की टिस सी उठती है ,
आँखों के कोने अश्क़ से भर आते है ,
नज़र सब से नज़रे चुराने लगती है ,
लब हलके से मुस्कुरा देते है ,
नज़रे आसमाँ को देखती है ,
और…
और दर्द से अश्क़ बहे जाते है…..
                                                             kajal sky….

4 Comments

  1. Ashutosh Mishra 12/09/2012
  2. Samira Patel 12/09/2012

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