काजल के बिना….

कितने काम अधूरे काजल के बिना,

कितने काज ना पुरे काजल के बिना..

बच्चे की नज़र ना उतरे काजल के बिना,
तो दुल्हन का श्रृंगार अधुरा काजल के बिना..
कमल कितना हो सुन्दर , ना उगे दल-दल के बिना,
नयन हो चाहे नशीले , ना सुन्दर काजल के बिना..
रामलीला में ,राम वियोग में सीता भले बैठे जल के बिना,
विरह की उस घडी में भी सीता मंच पे ना चढ़े काजल के बिना..
भले लाख़ कहे कोई हमे,
के नहीं रहे सकते एक पल के बिना,
ज़िन्दगी किसी के लिए नहीं रूकती यारों !
आज नहीं तो कल जी लेंगे काजल के बिना..
लेखक की क़लम रुके कागज़ के बिना,
काजल sky ना लिख़े kajal के बिना..
                                                          kajal sky …..

8 Comments

  1. Yashwant Mathur 10/09/2012
  2. दिगंबर 11/09/2012
  3. Ashutosh Mishra 12/09/2012
  4. pramod Nishad 19/02/2013

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