मां

हाईकू (कविता की जापानी विधा)  “मां ”

(१) मां, पुत्री, भार्या

भूमिकाएं अनेक

निभाती एक !!

 

(२) दूध का कर्ज

चुका सकता कौन

क्यों सब मौन ?

 

(३)  रक्षा कवच

बचाता संतापों से

आंचल मां का

 

(४)  मेरी – तुम्हारी,

सबकी प्रथम गुरु

देती ज्ञान मां

 

(५) ‘मां’ शब्द नहीं,

है स्नेह-महाकोश

ब्रह्म ज्ञान का

 

(६) सूखे में तुझे

सुलाकर सोई है

मां क्यों रोई है ?

 

(७)  नौ माह रखा

जिसे सम्भालकर

उसे भार मां !!

 

(८)  कौशल्या थी जो,

आज क्यों वही माता

लगे कैकेयी ?

 

(९)  उठे हाथ जो

तो दुआ बन गये

ये मां के हाथ

 

(१०)  रही करीब

बाप के, मां ने जाया

धन पराया ?

 

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