दिल-की-नज्मे

दिल-की-नज्मे

ओ मेरे दिल-ए -नादान
चाहत है गुलाब की
पर काँटों से भरा है दामन |
ओ मेरे दिल-ए-अरमान
ओस भीगे कमल की
हुआ हासिल कीचड़ का फरमान |
ओ मेरे दिल-ए-गुमान
रूप की तुलना चाँद की
धब्बों भरा सुन्दरता की पहचान !
ओ मेरे दिल-ए-इमान
ईश्वर -अल्लाह सा मान
नफरत- है फितरत, कैसे मेहरवान?
ओ मेरे दिल-ए -बेजुवान
स्वर-लगा बांसुरी के सुर सा
अनबोल हुवे अल्फाज, निश्चुप है अभिमान |

:-सजन कुमार मुरारका

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  1. virendra sharma 10/09/2012

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