इतने बदनाम हुए हम तो इस जमाने में

इतने बदनाम हुए हम तो इस जमाने में
तुमको लग जाएंगी सदियां इसे भुलाने में
न तो पीने का सलीका, न पिलाने का शऊर
अब तो ऐसे लोग चले आते हैं मैखान

 

मुक्तक – नीरज – Neeraj Ke Muktak