दिल का ऐसा भी क्या आना

दिल का ऐसा भी क्या आना

प्यार करना न करा पाना

 

ऐसी  जिंदगी से क्या हासिल

खुशी देना न खुशी पाना

 

किताबों के पन्ने पलटते रहे

समझ आना न समझा पाना

 

दिल की दीवारें हैं शख्त बहुत

तेरा आना न मेरा जाना

 

खोखले नारों का क्या कीजे 

अमल करना न करा पाना

 

उस  ज़िद को दफ़ना दो

ख़ुद मानना न मना पाना

4 Comments

  1. yashoda agrawal 28/08/2012
  2. reena maurya 01/09/2012
    • नादिर अहमद नादिर 01/09/2012
  3. online 01/09/2012

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