एक शाम को मेरे मन को धुती हुई

एक शाम को मेरे मन को धुती हुई

एक आवाज आई वो किसी कि पायल

कि आवाज थी जिसकी आवाज के लिए

सभी कान बिचये बैटा है लेकिन जब

वो आई तो किसी ने भी उसकी आवाज

नही सुनी

 

 

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