पुराने रास्ते

  मंजर  भी वही  था रास्ते अलग थे 
मंजिल वही थी पर हमसफ़र अलग थे
कहानी वही थी पर सपने अलग थे
आवाज़ वही थी पर कदम अलग थे
 चाँद भी  आराम पे था रास्ता भी सुनसान था
पीछे से आवाज़ आयी मैं कुछ हेरान था
मैं कुछ चोंका मैं कुछ ठिठका
मन  मैं कुछ खटका हाथ से मते कुछ चटका
तुम कहा चले ? हमें था इतंजार तेरा
बेसर्मो की तरह चले जा रहे हो
 मंजिल की तरफ  बढे जा रहे हो
मैं वही हूँ रास्ता पुराना तेरा
मैं वही हूँ  हमसफ़र पुराना तेरा
अब मैं क्या कहू साथी मेरे 
हम तो दुनिया से अलग थे
मंजिल मेरे यार तो अब और तब भी वही थी
तब दोस्त हम थे  और दुश्मन तुम थे
लोग कस्तिया बदलते थे | तुम हमसफ़र बदल ते थे
नशीब तो मेरे साथ नहीं था पर तुम मेरे साथ कहा थे
  मंजर  भी वही  था रास्ते अलग थे 
मंजिल वही थी पर हमसफ़र अलग थे

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