प्यार की लाश

दर्द  ही  दर्द  है,  मेरे  दिल  में  सनम

हो  गए  दूर  तुम  और  कितने, बेबस  है  हम ..

क्या  यही  है  वफ़ा, होके  मुझसे  जुदा,

चल  दिए   बिन  बताये, हो  के   मुझसे  खफा,

थामना  था  जो  दमन  किसी  गैर  का,

आये  क्यों  जिंदगी  में  पतझर  की  तरह,

अब  ये  दर्दे  जुदाई  है  क्या, मरने  से  कम .

दर्द  ही  दर्द  है,  मेरे  दिल  में  सनम

हो  गए  दूर  तुम  और  कितने, बेबस  है  हम ..

 

चाहा  तो  था  बहुत , हाँ  भुलाना  तुझे,

साथ  तेरे  था  चलना, हाँ  था  चलना  मुझे,

पलके  मेरी  रही  करती  सजदा  सदा,

मिल  सका  न  तू  मुझको , हो  गए  हम   जुदा,

मुस्कुराते  हुए  अब  आँखें  रहती  है  नम..

दर्द  ही  दर्द  है,  मेरे  दिल  में  सनम

हो  गए  दूर  तुम  और  कितने, बेबस  है  हम …

पाने  को  तेरा  प्यार , किये  जतन  हज़ार,

 होके  राहों  में  खड़े, हम  रहे  थे  पुकार,

उस  खुदा  से भी  पहले   की  थी  तेरी  बंदगी,

तुमको  पाना  ही  बस  था  मेरी   जिंदगी,

प्यार  की  लाश   को  ही  तो  अब, ढोते  है  हम ..

दर्द  ही  दर्द  है,  मेरे  दिल  में  सनम

हो  गए  दूर  तुम  और  कितने, बेबस  है  हम ..

 

4 Comments

  1. Seema Bala 14/08/2012
  2. Anil Gupta 16/08/2012

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