सनक

सनक

पैसा कमाने की

नाम कमाने की

तो कभी धोंस दिखाने की

 

सनक

अपने रास्ते को

सही बताने की

दूसरों को दबाने की

उन्हें नीचा दिखाने की

 

सनक

रिश्तों को तार तार करती

इंसानियत को शर्मशार करती

इंसानों में हावी होती

 

सनक

सोंचने में मजबूर करती

क्या इसे रोका जा सकता था ?

क्या इसे रोका जा सकेगा ?

या फिर

हर बार

सनकी लोगों की भेंट

चढ़ती रहेगी इंसानियत

शर्मशार होते रहेंगे

हम-सब ।

5 Comments

  1. Yashodadigvijay4 27/07/2012
  2. sangeeta swarup 28/07/2012
    • नादिर अहमद नादिर 08/08/2012
  3. Okedia 28/07/2012
    • नादिर अहमद Khannadir25 08/08/2012

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