जिंदगी की परिभाषा

सहज जिंदगी की परिभाषा क्या है
यह मनोबैग्यानिक सवाल क्या है
जिसका सरल जवाब क्या है
कई तरह के बिचार, पर राय क्या है
हर उत्तर मैं तर्क, पर आधार क्या है
समझ नहीं आई बात क्या है
शिकायत लोंगों को जिंदगी से क्या है
जो भी है, उसका उलाहना क्या है
जो न मिला उसका दर्द क्या है
जो मिला उससे नफरत क्या है
नसीबवालों की बात क्या है
मेहनत के बिना तक़दीर क्या है
तक़दीर के आगे तदबीर क्या है
मुसीबतों का बयान क्या है
सुख का एहसास क्या है
दुःख पर रोना क्या है
जिंदगी का सफ़र क्या है
मौत का डर फिर क्या है
शायद:-
मिला जो सहजता से
सम्भाला नहीं प्यार से
तोले नहीं नजाकत से
सहे नहीं यत्न से
चले नहीं नियमों से
किया नहीं मन से
शिकायत थी जिंदगी से
पर:-
दोबारा मिले या न मिले
अच्छी हो बुरी हो जीले
छोढ़ शिकवे गिले
हर गम को गले लगाले
लोग जीने के डर से डरे
हम तो जी कर ही मरे

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