भूलने की गलती

तुम्हारा पर्दाफाश हो रहा है

 

तुम्हारी चोरियाँ

पकड़ी जा रही हैं

वे सारे इल्ज़ाम

जिनके लिए

मुझे उम्र कैद हुई

ज़िल्लत भरी ज़िंदगी

नसीब हुई

आज सारे सबूत

तुम्हारी तरफ़

इशारा कर रहे हैं

 

ये सच है

मेरे पास ज़िंदगी

कुछ ज़्यादा नहीं बची

पर ये तो अच्छा है

मेरे पास

खोने को कुछ भी नहीं

तुमने तो सोंचा था

अमर रहोगे

ऐश के दिन

कभी ख़त्म न होंगे

जब चाहोगे

जिसे चाहोगे

बली का बकरा बना दोगे

किसी की टोपी

दूसरे के सिर रखकर

निकल जाओगे

पर जब ख़ुद पर बन आती है न

पथरायी आँखों से

आँसू भी नहीं निकलते

मर चुकी आत्मा से

रोया भी नहीं जाता

तुम कितने असहाय हो चुके हो

आज तुम्हारे लिए

रोने वाला कोई नहीं

कल तक जो लोग

तुम्हारी जयकार

करते थे

आज तुम्हारी बर्बादी पर

तालियाँ बाजा रहे हैं

 

तुम्हारी करनी का फल बता

तुम्हें कोस रहे हैं

और तुम

कल तक जिस किस्मत पर

फ़क्र करते थे

आज उसे कोस रहे हो

समय का पहिया है साहब

ये तो होना ही था

बस आप

भूलने की गलती कर बैठे ।

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