Shabd

शब्द  मधुर  औ  स्नेहयुक्त  हो ,

ग्लानि , भय ,छल , कपट

ईर्ष्या , निंदा  का  न  ओदे   पट  ,

दम्भ ,द्वेष , अभिमान  रहित  हो l   शब्द  मधुर  ओं ———

भ्रम  का  समावेश  न  हो ,

गुमराही  का  सन्देश  न  हो ,

मार्गो  का  उचित  दर्शन  हो ,

मान  न  किसी  का  मर्दन  हो ,

कटुता  औ  वैमनष्यता से

सब  भाति ,रहित  औ  मुक्त  हो l  शबद  मधुर औ ———-

शब्द  शोर  नहीं

न  जाने  नृत्य  ,

वह  मोर  नहीं ,

बिनु , उषा  आये  भोर  नहीं l

संस्कृति  एवम  सभ्यता  से  सर्वदा  संयुक्त  हों l   शब्द  मधुर  औ ——-

शब्द  भाव   मापक  है ,

भाषा  का  मानक  है ,

व्यक्तित्व  परिचायक  है ,

नाविक  का  शायक  है ,

हृदय  के  भावो  को  करता  नित  व्यक्त  हो l  शब्द  मधुर  औ ———–

शब्द  ही  अज्ञान तिमिर को  हटाता  है ,

भाव  कुञ्ज  कलिका  को ,

शब्द  ही  चटकाता  है ,

शब्द  ही  मानव  को ,

देवता  बनाता  है l

अशुभ  वेशधारी  शिव  को ,

महादेव  बनाता  है l

काक  पिक  का  अन्तेर  तो  शब्द  से  अभिव्यक्त  है l

शब्द  मधुर  ओं  स्नेह  युक्त  हो l

4 Comments

  1. manisha mittal 30/07/2012
    • gopaljigupta gopal gupta 13/08/2012
  2. manisha mittal 30/07/2012
  3. pankaj kumar sah Pankaj kumar sah 04/08/2012

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