ऐ दीन-ए-इलाही ! हमें रास्ता दिखाओ

ऐ दीन-ए-इलाही ! हमें रास्ता दिखाओ
कहाँ है हाड-मांस में आत्मा दिखाओ

यूँ तो इस मुल्क में बहुत हैं मुईन
कौन है गरीबों का फरिश्ता दिखाओ

ख़त्म हुई ज़िन्दगी पर हालत वही है
ऐ खुदा ! तुम्हीं कोई करिश्मा दिखाओ

किल्लत है तो मिलजुल के दूर करेंगे
कोई एक चेहरा हमें हँसता दिखाओ

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