चाँद  सूरज  में  सितारों  में  तेरा नाम रहे

     ग़ज़ल ..
चाँद   सूरज में सितारों में तेरा नाम रहे
हाँथ में तेरे सदा खुशिओं भरा जाम रहे 

मेरी खुशहाली की हरपल जो दुआ करते हैं 
उनके दामन में खुशी सुब्ह  रहे  शाम रहे

तेरे  दीदार को  जब शहर में तेरे पहुचे
मेरे दामन से न लिपटा कोई इल्ज़ाम रहे

मै तो हर सुब्ह खिज़ाओ में बसर कर लूँगा
मेरे महबूब तेरी महकी हुई शाम रहे

ठोकरे खाके भी सीखा है सम्हलना  जिसने  
वो  सदा  ज़िन्दा रहे उसका सदा नाम रहे

बेखुदी छाये जो मुझपे तो वो ऐसी छाये
आँख में तेरी झलक लब पे तेरा नाम रहे 

हो  ख़ुशी सारे जमाने में  दुआ करते हैं   
मेरे होटों पे “रज़ा” बस यही पैग़ाम रहे  

shayar salimraza rewa 9981728122