राजनीति में उनकी हवा देखिये

राजनीति में उनकी हवा देखिये
मेरे दर्द की कहीं दवा देखिये

सुबह देखिये और शाम देखिये
उनके मनसूबे को सफ़ा देखिये

पीट रहे ढोल, जनता के इर्द-गिर्द
कहीं दादरा, कहीं कहरवा देखिये

मालूम नहीं हम जा रहे किधर
निकल रहा जैसे मलवा देखिये

गाँव में देखिये, शहर में देखिये
मार दिया देश को लकवा देखिये

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