बस्ती गरीबों की, जलायी जाती है

बस्ती गरीबों की, जलायी जाती है
आग लगती नहीं लगायी जाती है

जब शुरू होता है एलेक्शन का दौर
पीठ गरीबों की, सहलायी जाती है

बदरंग हो गया है चेहरा समाज का
और प्रगति इसी को बतायी जाती है

गरीबी छुपी है, कैनवास के पीछे
छवि महान देश की, दिखायी जाती है

 

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