chand

कभी दूर से चाँद को देख कर
मैंने उसे पाने की खवाहिश की थी
दिन का चैन रातों की नींद उसके नाम की थी
वही चाँद आज जब पास है
तो हकीक़त का अहसास है
चाँद जितना भी हो खूबसूरत
हमेशा से दिल उसका पत्थर
ठहरे से जज्बात हैं …

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