अभी आयी, ये कहना और चले आना

अभी आयी, ये कहना और चले आना
मेरे इशारे को समझना और चले आना

पहरेदारों से खुद को बचाके हौले-हौले
क़दम-दर-क़दम बढ़ाना और चले आना

रस्ते में कांटे भी होंगे लेकिन इस
फज़ीहत से न डरना और चले आना

अँधेरी सुनसान गलियों से गुज़रते हुए
मेरी ग़ज़ल गुनगुनाना और चले आना

मैं उजाले की कश्ती लेकर आया हूँ
शबेगम तर्क करना और चले आना

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