मजबूरी की मार बुरी होती है

मजबूरी की मार बुरी होती है
अक्सर मीठी ज़ुबान छुरी होती है

किसी से कुछ कहने में डर लगता है
इसी लिये आपस में दूरी होती है

उम्र गुज़र गयी किसी तरह वर्ना
जीने के लिये मोहब्बत ज़रूरी होती है

किसी से कोई गिला-शिकवा नहीं
हर इंसान की मजबूरी होती है

न जाने कब तक़दीर बदल जाय
देखें, कब ख्वाहिश पूरी होती है

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  1. Rkraj605 11/07/2012

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