इश्क़ के सिवा यहाँ…

इश्क़ के सिवा यहाँ करूँ तो क्या करूँ
जिंदा रहूँ कि इश्क़ में खुद को फना करूँ

हुआ न अगर इश्क़ में खुदा के रू-ब-रू
फिर भी खुदा से खुद को मैं कैसे ज़ुदा करूँ

नफरत करे कोई यहाँ कोई करे प्यार
हूँ इश्क़ में दीवाना मैं किसको मना करूँ

याइलाही ये बता, करूँ तो क्या करूँ
है मर्ज़ लाइलाज़ मैं क्या दवा करूँ

Leave a Reply