देखो री सखि, श्याम आया

सुनकर सखियाँ अपना-अपना
सब ने रूप सजाया
देखो री सखि, श्याम आया

बोली एक-दूजे से, “सखियाँ,
कान्हा मेरा आया”,
सती की पूजा, व्रत श्याम ने
मानो सफल बनाया
देखो री सखि, श्याम आया

मिलकर सखियाँ नाच उठीं
जब कनु ने चाक घुमाया
सब कहते हैं, “प्यारा दुल्हा,
सबको खूब नचाया”,
देखो री सखि, श्याम आया

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