हाय, पड़ी मैं किसके पाले

तुम नहीं हो उतने जितने
लगते भोले-भाले
हाय, पड़ी मैं किसके पाले

तेरे सिवा न कोई मेरा
किसके करूँ हवाले
गगरी टूटी, किस्मत फूटी
तंग हुए घरवाले
हाय, पड़ी मैं किसके पाले

कहो, कहाँ मैं जाऊँ अब तू
अपने पास बुला ले
एक नहीं हाँ, सब कहते हैं
“माधव को रखवाले”
हाय, पड़ी मैं किसके पाले

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