रामचरित मन को अति भाये

सीता-मइया से जब उपवन में
श्रीराम नयन मिलाये
रामचरित मन को अति भाये

सीता को पाने की खातिर
श्रीराम सभा में आये
चढ़ाकर प्रत्यंचा धनुष पे
अपनी लीला दिखलाये
रामचरित मन को अति भाये

देखकर दृश्य अलौकिक मन
बालक-सा दौड़ा जाये
लव-कुश की भाँति दो नयन
वैकुण्ठ का सुख पाये
रामचरित मन को अति भाये

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