रामधुन आधुनिक बनाये

धुन-धुनकर सारी दुनिया में
राम मुझे नचाये
रामधुन आधुनिक बनाये

मेरा-तेरा करते-करते
जीवन दिया बिताय
रामनाम न लिया, मुख से
निकला बस, हाय-हाय
रामधुन आधुनिक बनाये

हेरा-फेरी कर के तू ने
सबकुछ लिया जुटाय
भोग में हेरा-फेरी तेरी
क्यों नहीं चल पाय
रामधुन आधुनिक बनाये

अधूरा रहे न जब पूरे
रामरंग चढ़ जाये
धोये छूटे न, पक्का रंग
रामशरण में लाये
रामधुन आधुनिक बनाये

 

Leave a Reply